पतझर में भी कहीं फूल खिलता तो होगा
सेहरा में भी कोई दरख़्त मिलता तो होगा
जिंदगी की राह पर खुद को अकेला न समझ
तेरा साया तो हर कदम तेरे साथ चलता होगा
तूफ़ान में चाहे सारा शहर अँधेरे में गुम हो जाए
किसी घर के कोने में एक दिया तो जलता होगा
आज हम बिछड़े हैं, कल शायद फिर मिल जाएँ
वक़्त भी यारो कभी करवट बदलता तो होगा





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